पान के साथ 'आग' खिलाता है चुन्नीलाल

किसी भी प्रोडक्ट को मार्केट में बेचने के लिए हर कोई नए नए तरीके अपनाता है इसी तरह राजकोट की एक पान की दुकान पर एक बहुत ही अजीब तरह का तरीका देखने को मिला. पान एक ऐसा शौक है जो पूरे भारत में सबसे बड़ा शौक कहा जा सकता है.
हर गली नुक्कड़ पर पान की दुकानें तो दिखती हैं. पानों के प्रकार भी अलग-अलग होते हैं. जैसे मीठा पान, तम्बाकू पान, गुलाब पान, बर्फ पान, गुंडी पान अगर आपसे कहा जाये की आपको जलती हुई आग को अपने हलक के निचे उतारना है तो आपके चेहरे पर पसीना छूटने लगेगा , लेकिन क्या आपने कभी "फायर पान" के बारे में सुना है? राजकोट शहर के 150 फीट रिंग रोड पर एक ऐसी पान की दुकान है, जहां इस तरह का पान खाने को मिल सकता है. दुकान का मालिक चुन्नीलाल पिछले 40 वर्षों से यहां दुकान चला रहा है.
औषधि का काम करता है : पान के लंबे अनुभव के बाद चुन्नीलाल ने यह अनोखा प्रयोग किया है. वे पान के ऊपर लौंग लगाकर उसमें आग लगा देते हैं. उनके हिसाब से इस तरह जली हुई लौंग का स्वाद जब गले से नीचे उतरता है तो न सिर्फ पान ही स्वादिष्ट हो जाता है, बल्कि वह आयुर्वेदिक औषधि का भी काम करता है. इस पान की फ्लेम सिर्फ एक-दो सेकंड में ही खत्म हो जाती है. और लौंग को ठंडा रखने का काम पान करता है. इससे मुंह में कोई तकलीफ़ नहीं होती. बस रह जाता है तो सिर्फ पान का स्वाद. है न अनोखा पान? अगली बार आप राजकोट जाएं, तो ये पान ज़रूर चख के आएं!
पान के साथ 'आग' खिलाता है चुन्नीलाल पान के साथ 'आग' खिलाता है चुन्नीलाल Reviewed by Unknown on 2:03 PM Rating: 5

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