23 साल में एक्सीडेंट में छिन गए दोनों पैर, खो दिया पूरा परिवार, फिर इस तरह बदली लाइफ

नई दिल्ली। जीवन के अगले ही पल कब क्या हो जाए इसके बारे में किसी को कुछ नहीं पता होता। आपका भाग्य आपको किस मोड़ पर लाना चाहता है इसकी भी सच्चाई कोई नहीं जानता, जो एक ही पल आपकी दुनिया बसाने और उसे बर्बाद करने के लिए काफी होता है।

कुछ ऐसी ही किस्मत 30 साल के जसकरन सिंह की भी है। जो कहते हैं कि, एक ही पल में उनकी पूरी जिंदगी बदल गई।

जसकरन ने FB पर पोस्ट कर अपनी कहानी बताई है। जिसमें उन्होंने बताया है कि, कैसे उन्होंने अपनी किस्मत खुद अपने हाथों से बदली है। जसकरन ने लिखा कि, एक छुट्टी के दौरान वो अपने परिवार के साथ घूमने गए थे, लेकिन एक दुर्घटना में उन्होंने न सिर्फ अपना परिवार खोया बल्कि, अपने पैर भी खो दिए।

उन्होंने लिखा, जब वो 23 साल के थे तो उन्होंने अपना परिवार खो दिया। उस एक्सीडेंट ने उन्हें पूरी जिंदगी के लिए व्हीलचेयर से बांध दिया। जिसके बाद उन्हें liability कहा जाने लगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में ये भी कहा कि, उन्हें इस घटना से बाहर आने और अपनी इस हालात को को सुधारने में कितना वक्त लगा। उनका कहना है कि, इस दौरान उन्हें सिर्फ भारतीय क्रिकेटर राहुल द्रविड़ का सहारा मिला। राहुल द्रविड़ की कई बातों से उन्हें हौंसला और हिम्मत मिला। उनकी बातें कई चीजों को बदलने के लिए उन्हें प्रेरित करती हैं।

वो क्रिकेट के बहुत बड़े फैन थे, लेकिन क्रिकेट की वजह से आज वो अपनी जिंदगी अपने हाथों से चला रहे हैं। एक्सीडेंट के बाद वो हॉस्पिटल की बेड थे। साल 2011 में भारत और इंग्लैंड सीरीज़ में उन्होंने राहुल द्रविड़ को खेलते देखा। जिसके अंदर उन्हें कभी हार न मानने वाले और दोबारा से शुरूआत करने वाले योद्धा की झलक दिखी।

जिसके बाद उन्हें उनके 26वें जन्मदिन पर राहुल द्रविड़ के आर्टोग्राफ की एक किताब मिली। जिसने उन्हें उनका एमबीए का सपना पूरा करने का हौंसला दिया। साल 2015 में उन्होंने CAT के एग्जाम में 99.04 परसेंट मिले। जिससे उन्हें IIM-B में फुल स्कॉलरशिप भी मिली। जहां से MBA पूरा करने के बाद अब वो एक टॉप की कंपनी में business analyst की जॉब कर रहें हैं।
23 साल में एक्सीडेंट में छिन गए दोनों पैर, खो दिया पूरा परिवार, फिर इस तरह बदली लाइफ 23 साल में एक्सीडेंट में छिन गए दोनों पैर, खो दिया पूरा परिवार, फिर इस तरह बदली लाइफ Reviewed by Unknown on 4:23 PM Rating: 5

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