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जानिए कौन है ये लड़की, सोशल मीडिया पर जिसका दीवाना हो रहा हर कोई!

5/25/2020 12:20:00 PM

हम अक्सर सोशल मीडिया पर आज कल किसी ना किसी स्टार्स की खबरे और उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते देखते हैं। कोई अपनी ड्रेस को लेकर चर्चा में आजाता हैं तो कोई अपनी खूबसूरती को लेकर। इसी तरह आज हम आप को एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे आपने काफी बार उस लड़की को सोशल मीडिया पर देखा होगा और आप में से काफी तो उनके फैंस भी होंगे।

आपने इनकी वीडियोस तो काफी देखी होगी लेकिन हमे मालूम हैं आप इनका नाम नहीं जानते हैं और ना ये ही जानते हैं की ये खूबसूरत हसीना हैं कहा की। तो टेंशन मत लीजिये हम आप के हर सवाल का जवाब देने ही आये हैं।

खूबसूरती की कोई सीमा नहीं होती और ना ही उसकी कोई परिभाषा होती है। खूबसूरती आंखों का नजरिया और हमारे दिमाग की सोच है। किसी को कोई खूबसरत लगता है तो दूसरे को वो बदसूरत। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी महिला की तस्वीर वायरल हो गई है, जिसे देखना वाला शख्स उनकी खूबसूरती की तारिफ किए बिना नहीं रह रहा।

आज हम दिखा रहे है एक ऐसी ही लड़की की तस्वीरे जिसको दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़कियों में गिना जाता हैं । हम जिनके बारे में बात कर रहे हैं उनका असली नाम हैंडी एर्सेल है और आप में से बहुत लोग उन्हें हयात और मूरत के नाम से भी जानते हैं।

हैंडी उर्फ़ हयात का जन्म 24 नवंबर 1993 को हुआ था और वह मूलरूप से तुर्की की रहने वाली हैं। हयात ने फाइन आर्ट में पढ़ाई की है और वह पेशे से एक अभिनेत्री और मॉडल हैं। बता दें की मूरत के बहुत सारे वीडियो गाने हिंदी वर्जन में सोशल मीडिया पर मौजूद हैं और वह सभी देर्शकों द्वारा खूब पसंद किये गए हैं।

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हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदलेगा, चमचागिरी से क्या बदलाव आएगा: चेतन भगत

5/25/2020 12:20:00 PM

नई दिल्ली। लेखक चेतन भगत अक्सर सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहते हैं. कई बार ट्वीटर पर अपने ट्वीट को लेकर वह ट्रोल भी हो जाते हैं. उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर अपनी सोच को रखने के बाद लोग लिखने वाले को निशाना बना लेते हैं. उन्होंने कहा कि जो लोग ख़राब बोल रहे होते हैं वो अच्छे को नहीं सुनते और अच्छाई करने वाले बुराई करने वाले को नहीं सुनते. चेतन भगत आज तक के एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां उन्होंने ये बातें कहीं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक उदहारण देते हुए लेखक चेतन भगत ने कहा कि अगर आप मोदी को पसंद करते हैं तो आपको उनकी तीन खामियां पता होनी चाहिए. अगर मोदी को बुरा मानते हैं तो उनकी तीन अच्छी बातें भी पता होनी चाहिए. तब मैं मानूंगा कि आपको राजनीति के बारे में पता है. अच्छा बुरा हम सबमें होता है.

इस पर उनसे सवाल किया गया कि मोदी में 3 खामिया कौन सी लगती है. जिसके जवाब में लेखक ने कहा कि मैं बता सकता हूं इसमें कोई हिचकने वाली बात नहीं है. देश में मोदी की केंद्रीयकृत कमांड है. उन्हें कोई सुझाव नहीं देता. कोई उनसे अलग नहीं सोचता. वह आगे कहते हैं कि मैं मानता हूं कि एक ही आदमी पर देशभर की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए. चीजें बंटी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को प्रेस कांफ्रेंस करनी चाहिए. अब कुछ छुपाने को नहीं है. गलती को ठीक करना चाहिए.

वह आगे कमियों पर बोलते हुए कहते हैं कि मोदी ने इकॉनमी पर ध्यान नहीं दिया. जीडीपी के लिए उन्होंने नीतियां बनाई लेकिन उनसे कुछ नहीं हुआ. जीडीपी ऊपर नहीं गया. इसका खामियाजा हम आज भुगत रहे हैं. दुनिया का हाल बुरा है इस वक्त लेकिन हम उनसे ज्यादा बुरे हाल में हैं. हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदेलगा. चमचागिरी से क्या ही बदलाव आएगा.

हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदलेगा, चमचागिरी से क्या बदलाव आएगा: चेतन भगत हम नहीं बोलेंगे तो देश कैसे बदलेगा, चमचागिरी से क्या बदलाव आएगा: चेतन भगत Reviewed by UPUKLive Desk on 5/25/2020 12:20:00 PM Rating: 5

उम्मुल खेर घर के खराब हालात और बीमारी के बावजूद बनीं IAS

5/25/2020 12:20:00 PM

ऑस्टियो जेनेसिस बीमारी के चलते उसकी हड्डियां बहुत आसानी से टूट जाती हैं। 28 की उम्र तक उसे 16 फ्रैक्चर और आठ बार सर्जरी का सामना करना पड़ा है। यह वो दौर होता था जब वो व्हीलचेयर पर चलती थी। ऐसी बीमारी के साथ मुफलिसी की मार, घर के खराब हालात और अपनों से दुत्कार पाकर भी उम्मुल खेर नहीं टूटी। वो IAS बनीं और अब कलक्टर बनकर वह जरूरतमंदों और संसाधन विहीन शारीरिक दुर्बलताओं से जूझ रही औरतों के लिए कुछ करना चाहती है।

राजस्थान के पाली मारवाड़ में जन्मी उम्मुल खेर को अपनी कहानी याद है जब वह पांच साल की थीं। वह बताती हैं कि गरीबी थी। हम तीन भाई-बहन का परिवार था। पिता यहां दिल्ली आ गए। पिता के जाने से मां को सीजोफ्रीनिया(मानसिक बीमारी) के दौरे पड़ने लगे।

वह प्राइवेट काम करके हमें पालती थीं। मगर बीमारी से उनकी नौकरी छूट गई। दिल्ली में फेरी लगाकर कमाने वाले पिता हमें अपने साथ दिल्ली ले आए। यहां हम हजरत निजामुद्दीन इलाके की झुग्गी-झोपड़ी में रहने लगे। 2001 में यहां से झोपड़ियां उजाड़ दी गईं। हम फिर से बेघर हो गए।

मैं तब सातवीं में पढ़ रही थी। पिता के पैसे से खर्च नहीं चलता था तो मैं झुग्गी के बच्चों को पढ़ाकर 100-200 रुपये कमा लेती थी। उन्हीं दिनों मुझे आईएएस बनने का सपना जागा था। सुना था कि यह सबसे कठिन परीक्षा होती है। हम त्रिलोकपुरी सेमी स्लम इलाके में आकर रहने लगे। घर में हमारे साथ सौतेली मां भी रहती थीं। हालात पढ़ाई लायक बिल्कुल नहीं थे। मुझे याद है कि तब तक कई बार मेरी हड्डियां टूट चुकी थीं। पिता ने मुझे शारीरिक दुर्बल बच्चों के स्कूल अमर ज्योति कड़कड़डूमा में भर्ती करा दिया।

यहां पढ़ाई के दौरान स्कूल की मोहिनी माथुर मैम को कोई डोनर मिल गया। उनके पैसे से मेरा अर्वाचीन स्कूल में नौवीं में दाखिला हो गया। दसवीं में मैंने कला वर्ग से स्कूल में 91 प्रतिशत से टॉप किया। उधर, घर में हालात बदतर होने लगे थे। मैंने त्रिलोकपुरी में अकेले कमरा लेकर अलग रहने का फैसला कर लिया। वहां मैं अलग रहकर बच्चों को पढ़ाकर अपनी पढ़ाई करने लगी। ट्यूशन से जो पैसे मिलते उससे मैं फीस भरती। 12वीं में भी 89 प्रतिशत में मैं स्कूल में सबसे आगे रही। यहां मैं हेड गर्ल ही रही।

कॉलेज जाने की बारी आई तो मन में हड्डियां टूटने का डर तो था। फिर भी मैंने डीटीसी बसों के धक्के खाकर दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। यहां से फिर जेएनयू से शोध और साथ में आईएएस की तैयारी। हंसते हुए कहती हैं बाकी परिणाम आपके सामने है। ..और सफर जारी है।

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कांस्टेबल सहित लोगों ने महिला से किया गैंगरेप

5/25/2020 12:20:00 PM

गुरुग्राम। हरियाणा की साइबर सिटी कहलाने वाले गुरुग्राम शहर के पालम विहार में एक कांस्टेबल सहित तीन लोगों ने 28 साल की एक महिला के साथ गैंगरेप किया.

गुरुग्राम पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी सुभाष बोकन ने बताया कि इस वारदात के बारे में पीड़ता ने कंट्रोलरूम को सूचना दी.

एक महिला अधिकारी के साथ पीसीआर वैन को घटनास्थल पर पहुंची. हमने महिला के बयान के आधार पर तीन दुष्कर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376डी और 506 के तहत मामला दर्ज किया है.

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कहानियों जैसी नहीं थी इनकी शख्सियत, यहां बना है 'शेख चिल्ली का मकबरा'

5/25/2020 12:20:00 PM

शेख चिल्ली एक बहुश्रुत विद्वान, एक सम्मानित सूफी संत और एक आध्यात्मिक शिक्षक थे। मुग़ल बादशाह शाह जहां का बेटा दारा शिकोह शेख चिल्ली का शिष्य और एक  प्रशंसक था बताया जाता है शेख चिल्ली से राजकुमार ने कई महत्त्वपूर्ण बातें सीखी। शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र के बाहरी इलाके में एक ऊंचे टीले पर बनाया गया है। ये मकबरा बहुत ही खूबसूरत है जो मुग़ल वास्तुकला का बखूबी बखान करता है।

इस मकबरे को बनाने में बलुआ पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। ये मकबरा परिपत्र ड्रम के आकार का है जहां मकबरे का गुम्बद नाशपाती के आकार का है। महान संत की कब्र मकबरे के निचले सदन में बिलकुल केंद्र में स्थित है।

ख़बरों के अनुसार इस मकबरे के ठीक बगल में संत कि पत्नी की भी कब्र है  जिसका निर्माण सैंड स्टोन से किया गया है और फूलों की डिजाइन से जिसे अलंकृत किया गया है। देखने पर ये मकबरा कुछ हद तक आगरा के ताजमहल से मिलता जुलता है भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा दोनों ही इमारतों को संरक्षित इमारतों का दर्जा दिया जा चुका है। 

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ये है दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, दर्शन करने वाला नहीं रहता गरीब!

5/25/2020 12:20:00 PM

ये शिवलिंग छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित भूतेश्वरनाथ का है। प्राकृतिक रूप से निर्मित दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग है। ये जमीन से लगभग 18 फीट ऊंचा और 20 फीट गोलाकार है।

राजस्व विभाग द्वारा हर साल इसकी उचांई नापी जाती है,जिसमें हर साल यह 6 से 8 इंच तक बढ़ा हुआ पाया जाता है। मेन शहर से तीन किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच मरौदा गांव में ये शिवलिंग है। 12 ज्योतिर्लिंगों की तरह इसे भी अर्धनारीश्वर शिवलिंग की मान्यता प्राप्त है।

यहां के बारे में कहानी है कि कई साल पहले पारागांव निवासी जमींदार शोभा सिंह की यहां पर खेती-बाड़ी थी। शोभा सिंह शाम को जब अपने खेत मे घूमने जाते थे तो उन्हें एक टीले से सांड़ के हुंकारने और शेर के दहाड़ने की आवाज सुनाई पड़ती थी। शुरू में उन्हें लगा कि ये उनका वहम है, लेकिन कई बार इस आवाज को सुनने के बाद शोभा सिंह ने ग्रामवासियों को इस बारे में बताया।

ग्रामवासियों ने भी टीले के पास कई बार आवाज सुनी थी। इसके बाद सभी ने आसपास सांड़ अथवा शेर की तलाश की, लेकिन दूर-दूर तक कोई जानवर नहीं मिला। इनके दर्शन करने और जलाभिषेक करने हर साल सैकड़ों की संख्या में कांवरिए पैदल यात्रा कर यहां पहुंचते हैं। यहां आने वाले भक्तों की संख्या में हर साल बढ़ोतरी हो रही है।

पहले ये टीला छोटे रूप में था पर धीरे-धीरे इसकी उंचाई और गोलाई बढ़ती गई। इसका बढ़ना आज भी जारी है। लोग इस टीले को शिवलिंग के रूप में पूजने लगे है।

इस शिवलिंग में प्रकृति प्रदत्त जलहरी भी दिखाई देती है, जो धीरे-धीरे जमीन के ऊपर आती जा रही है।छत्तीसगढ़ी भाषा में हुंकारने की आवाज को भकुर्रा कहते हैं, इसी से भूतेश्वरनाथ को भकुर्रा महादेव भी कहते हैं। इस शिवलिंग का पौराणिक महत्व सन 1959 में गोरखपुर से प्रकाशित धार्मिक पत्रिका कल्याण के वार्षिक अंक में उल्लेखित है, जिसमें इसे विश्व का एक अनोखा विशाल शिवलिंग बताया गया है।

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मात्र एक साल में घटाया 100 Kg वजन, देखकर दंग रह जाएंगे आप

5/25/2020 12:20:00 PM

कम समय में वजन कम करने के कई मामले आपने आज तक सुने होंगे लेकिन हम आपको आज एक ऐसे कपल के बारे में बता रहे हैं जिसने अपना करीब 100 किलो वजन घटा लिया है. जी हाँ... भले आप सुनकर हैरान हो गए हो लेकिन ये सच है.

दरअसल इस कपल ने मिलकर साल 2018 में न्यू ईयर रिजॉल्यूशन के तौर पर अपना वजन कम करने की ठानी थी और इसके बाद से उन्होंने वजन कम करना शुरू कर दिया था. हैरानी वाली बात तो ये है कि इस कपल ने अपना वजन कम दिखाया.

इस बारे में बात करते हुए कपल ने कहा कि, 'ऐसा करने का कोई आसान तरीका नहीं है. लेकिन ऐसा किया जा सकता है.' ये कपल कनाडा के नोवा स्कोटिया के रहने वाले हैं. जस्मीन पैरेंट और जेरेमी क्रावले ने सबसे पहले अपने डायट से बेकार चीजें बाहर कर दी और फिर साथ-साथ वर्क आउट शुरू कर दिया. उन्होंने चीनी और जनक फ़ूड तो अपने मेन्यू से बाहर कर दिया था. सूत्रों की माने तो जस्मीन करीब 10 महीने में 133 किलो वजन से 79 किलो पर आ गई थी.

वहीं जेरेमी के बारे में बात करे तो उन्होंने अकेले 43 किलो वजन कम किया था. जस्मीन ने इस बारे में बताया कि, 'सबसे पहले ऐसा करने का ख्याल तब आया जब उन्होंने अपनी एक फोटो पर गौर किया. क्रिसमस का समय था और उन्होंने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट नहीं करने का फैसला किया. इसके बाद जुट गई खुद को बदलने में.' आपको बता दें जस्मीन दो बार प्रेग्नेंट हो चुकी है और इसी कारण से उनका वजन बढ़ गया था. अब सोशल मीडिया पर इस कपल के हैरतअंगेज़ कारनामे की खूब चर्चा हो रही है.

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